काग़ज़ी युद्धविराम
अक्टूबर 2026 में यूक्रेन युद्ध में कुछ समय के लिए हलचल होती दिखी। 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी डीज़ल की आपूर्ति पर व्लादिमीर पुतिन के साथ एक समझौते की घोषणा की। उसी दिन अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने रूसी डीज़ल पर प्रतिबंधों में अप्रैल 2027 तक अस्थायी ढील दे दी।1,2 एक दिन बाद ट्रंप ने पत्रकारों से कहा: “मुझे लगता है कि अब यूक्रेन के लिए नया राष्ट्रपति लाने का समय आ गया है।”3,4
इतिहासकार उस हफ़्ते को वह क्षण मानते हैं जब दबाव की दिशा बदल गई। झुकना हमलावर को नहीं, बल्कि उस देश को पड़ा जिस पर हमला हुआ था। 11 अक्टूबर को ट्रंप ने एक ‘ऊर्जा युद्धविराम’ की घोषणा की, जिस पर उनके अनुसार दोनों पक्ष सहमत हो गए थे। यूक्रेन ने रूसी रिफ़ाइनरियों पर हमले रोक दिए, लेकिन रूस यूक्रेनी ऊर्जा ठिकानों पर हमले करता रहा।5,6,7
16 अक्टूबर को ट्रंप ने रूस के ख़िलाफ़ नए अमेरिकी प्रतिबंध क़ानून के मुख्य उपायों के लागू होने से ठीक पहले उनसे छूट दे दी। इनमें रूसी तेल और गैस के बड़े ख़रीदारों पर 100 प्रतिशत तक के टैरिफ़ शामिल थे।8,9 दो दिन बाद यूक्रेन ने एक हज़ार से ज़्यादा ड्रोन से रूस पर हमला किया; सेंट पीटर्सबर्ग में तेल भंडारण स्थल जल उठे।10,11 राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के अनुसार, इस बीच अमेरिका वे पैट्रियट वायु-रक्षा मिसाइलें रोके हुए था, जिनका भुगतान सहयोगी देश पहले ही कर चुके थे। विदेश मंत्री रुबियो ने इससे इनकार किया कि अमेरिका यूक्रेन को नुक़सान पहुँचाना चाहता है।12,13 20 अक्टूबर को ज़ेलेंस्की ने ओस्लो में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ़ और यूरोपीय नेताओं से मुलाक़ात की।13,14 एक दिन बाद विटकॉफ़ और पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में बातचीत की। इसके बाद क्रेमलिन के एक सलाहकार ने कहा कि रूस सैद्धांतिक रूप से नवंबर में अमेरिका और यूक्रेन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता फिर शुरू करने को तैयार है, लेकिन यूरोप और कीव के नए प्रस्तावों में काम की बातें कम हैं।15,16
मॉस्को ने उन हफ़्तों से वह सबक़ लिया जिसने बाक़ी दशक की दिशा तय की: जो लड़ता रहता है, उसे रियायतें मिलती हैं।
- 21 अक्टूबर 2026 · घटितप्रतिबंधों में ढील और छूट; मॉस्को नई वार्ता के लिए सिर्फ़ सैद्धांतिक रूप से राज़ी।
- 2027 · परिदृश्यरूस की शर्तों पर संघर्ष-विराम। क़ब्ज़े वाले इलाक़े रूस के पास रहते हैं, कोई सुरक्षा गारंटी नहीं।
- 2030 · परिदृश्यनए सिरे से खड़ी की गई रूसी सेना बाल्टिक देशों की सीमा को परखती है।
- 2036 · परिदृश्यदुनिया भर में हथियारों पर शीत युद्ध के बाद किसी भी दौर से ज़्यादा पैसा ख़र्च होता है, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा की क़ीमत पर।
अगर देश अपनी रक्षा करने वाले के बजाय युद्ध शुरू करने वाले पर दबाव डालें, और प्रतिबंध केवल एक न्यायसंगत और सत्यापित युद्धविराम के बदले हटाएँ, तो कोई भी देश यह नहीं सीखेगा कि पड़ोसी पर हमला करना फ़ायदे का सौदा है।